ज्योति ने दो कोरियाई तीरंदाजों को हराकर व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता

ढाका, 18 नवंबर (तीरंदाजी न्यूज़) विश्व चैंपियनशिप की तीन बार की रजत पदक विजेता ज्योति सुरेखा वेनाम ने कड़े लेकिन विवादास्पद फाइनल सहित दो दौर में कोरियाई चुनौती से पार पाते हुए गुरुवार को यहां एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप का महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता।

सितंबर में यंकतून विश्व चैंपियनशिप में तीन रजत पदक जीतने वाली ज्योति ने 2015 की विश्व चैंपियन किम युन्ही को सेमीफाइनल में आसानी से 148-143 से हराया और फिर ओह यूह्युन को 146-145 से हराकर भारत के लिए प्रतियोगिता का पहला स्वर्ण पदक जीता।

अंतिम सेट से पहले दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी ज्योति ने दो अंक की बढ़त हासिल कर ली थी। उन्होंने अंतिम सेट में एक बार 10 और दो बार नौ अंक जुटाए। कोरियाई तीरंदाज के विवादास्पद फैसले में नौ अंक जुटाने के साथ भारत का पहला स्वर्ण पदक पक्का हो गया।

कोच सहित पूरे कोरियाई दल ने फैसले को चुनौती दी क्योंकि उनका मानना था कि निशाना 10 अंक पर लगा है लेकिन जज ने नौ अंक पर फैसला दिया।

ढाका में मौजूदा एक भारतीय कोच ने कहा, ‘‘तीर पूरी तरह से 10 अंक से दूर था। सभी कोरियाई कोच इसके बाद जज पर दबाव बनाने के लिए लक्ष्य के पास चले गए जिसकी नियमों के अनुसार स्वीकृति नहीं होती। विश्व तीरंदाजी के नियमों के अनुसार यह जज का फैसला होता है और इसका विरोध नहीं किया जा सकता।’’ ज्योति ने शानदार शुरुआत करते हुए पहले सेट में तीन बार 10 अंक के साथ 30-29 की बढ़त बनाई। भारत की 25 वर्षीय खिलाड़ी हालांकि दूसरे सेट में दो बार नौ अंक के साथ 28 अंक ही जुटा सकी जबकि कोरिया तीरंदाज ने दो बार 10 अंक के साथ 29 अंक से स्कोर 58-58 से बराबर कर दिया।

आंध्र की तीरंदाज ने हालांकि तीसरे सेट में तीन परफेक्ट 10 के साथ 88-86 की बढ़त हासिल कर ली।

दोनों तीरंदाजों ने इसके बाद 30-30 अंक जुटाए। अंतिम प्रयास पर मुकाबले को शूट आफ में खींचने के लिए कोरिया तीरंदाज को 10 अंक जुटाने थे लेकिन वह मामूली अंतर से चूक गई।

ज्योति ने इसके साथ ही युवा तीरंदाज ऋषभ यादव के साथ कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में शीर्ष वरीय कोरिया के खिलाफ एक अंक से शिकस्त का बदला भी चुकता कर लिया। इस जोड़ी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

पहले दौर में कोरिया और भारत दोनों की जोड़ियों ने समान 38 अंक जुटाए। पूर्व विश्व चैंपियन किम युन्ही और चोई योंगही की कोरिया की अनुभवी जोड़ी ने हालांकि इसके बाद चार बार 10 अंक जुटाते हुए 155-154 से जीत दर्ज की।

भारत का यह मौजूदा प्रतियोगिता में दूसरा पदक था। इससे पहले 19 साल के यादव ने बुधवार को एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता अभिषेक वर्मा और अमन सैनी के साथ मिलकर टीम स्पर्धा का कांस्य पदक जीता था।

एशियाई चैंपियनशिप में पदार्पण करते हुए यादव ने व्यक्तिगत रैंकिंग दौर में अपने मार्गदर्शक वर्मा को पछाड़ते हुए भारतीय तीरंदाजों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मिश्रित टीम स्पर्धा में जगह बनाई।

कोरिया के खिलाफ भारतीय जोड़ी दूसरे दौर में चार तीर में दो बार ही 10 अंक जुटा सकी। तीसरे दौर में कोरियाई तीरंदाजों के दो बार नौ अंक जुटाने के बाद भारतीय जोड़ी को सभी निशाने 10 अंक पर लगाने थे लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके।

भारतीय जोड़ी ने चार में से तीन प्रयास में 10 अंक जुटाए लेकिन कोरियाई टीम ने एक अंक के अंतर से स्वर्ण पदक जीत लिया।

 

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